चंदौली जिले के सकलडीहा-कमालपुर मार्ग से नौरंगाबाद जाने वाली सड़क पर धानापुर विकास क्षेत्र के गांव हेतमपुर का भी काफी पुराना इतिहास है। जानकारी के अनुसार नौरंगाबाद से दो किमी उत्तर स्थित शेरशाह सूरी के जागीरदार हेतमखां ने करीब 600 वर्ष पूर्व तीन किलों का निर्माण कराया था जो अब भी विरासत के रूप में मौजूद हैं। जिसे भुलैनी कोर्ट के नाम से जानते हैं। इसे अब पुरातत्व विभाग पटना ने अपने संरक्षण में ले लिया है।हेतम खां ने यहां तीन कोर्ट बनवाए था। जिसे पूर्वी, पश्चिमी और मध्य कोर्ट के नाम से जाना जाता है। ग्रामीणों के अनुसार एक बार किसी गांव से बरात भुलैनी कोर्ट देखने के लिए किले में गई थी। वहां आई पूरी बरात ही कोर्ट में खो गई थी। तब से उस किले के भूलैनी कोर्ट के नाम से भी जानते हैं।गांव के नंद कुमार उपाध्याय की मानें तो इसमें कई सुरंगें हैं, जिससे राजा धानापुर तक जाते थे। वह यह भी बताते हैं कि इसके अंदर कई कमरे हैं, जिसमें बड़े-बड़े ताले हैं।उन्होंने बताया कि कमालपुर के लोग रात में आकर खुदाई करते थे लेकिन अंदर दम घुटने लगता था। इस कारण लोग बाहर निकल आते थे। यहां के लोगों की यह भी मान्यता है कि जब हेतमखां कोर्ट को बनवा रहा था, तो बार-बार किला गिर जा रहा था। तब राजा ने किसी को कोर्ट में चुनवा दिया।बताते हैं कि वहां रूद्र ब्रह्म बाबा भुलैनी कोर्ट की रक्षा करते हैं। उनके डर से लोग कोर्ट की ईंट तक घर नहीं लाते हैं। अब इस किले को पुरातत्व विभाग पटना ने अपने संरक्षण में ले लिया है। पुरातत्व विभाग अब इसकी मरम्मत भी करा रहा है। हालांकि एक कोर्ट अभी खंडहर के रूप में ही है। उसे भी जल्द ही संरक्षित करने का...
Read moreThe place was clean and well maintained. It wasn't crowdy at all so its a perfect place for family picnic since there is a large open ground with green grass in front of the fort. There is also a small temple inside the fort boundary. There are 3 rooms, and a hall with two locked rooms in the fort. The fort should have access to the upper floor but it was probably locked because the fort is broken and it won't be safe. I don't think one needs a ticket...
Read moreGreat historical site to visit, much things to explore and a beautiful place. There's a myth among the villagers that a whole bunch of people who came to attend a wedding went missing from this fort and were never found that's why the fort is also called "Bhulayyin fort", means a maze or something like like that. Some people also say that the fort is haunted and is home to demons and ghosts and that is why the villagers don't rom around the fort...
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